करोना चालीसा

हे करोना दुःख के गागर।
जय महाकाल मृत्यु के सागर।।
जय करोना देव गोंसाई।
जो भजा वह जान गँवाई।।
काल करोना हर्ष उड़ आए।
दिव्य शक्ति से मार गिराए।।
बल में कहलाए वह बलधामा।
काल पुत्र दुःख सुतनामा।।
कृपा हो जाए जिस पर तुम्हारी।
रह जाए घर में बाल ब्रह्मचारी।।
जब से करोना नाथ आप पधारे ।
रिश्ते नाते भाई बंधु छूटे हमारे।।

Comments

3 responses to “करोना चालीसा”

  1. राकेश पाठक

    यथार्थ

  2. कोरोना में हुए संकटों को व्यक्त करते बहुत ही सुंदर तथा काबिले तारीफ रचना

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