ॐ शान्ति शान्ति ॐ

सुन्दर से परिवार में
जब तक खटास ना डालो
हजम कहाँ होता है
कोई है जो मुझे देखकर
खुश कहाँ होता है
सीने पर जिसके सर्प लोटते हैं
मुझे खुश देखकर
शान्ती का माहौल तुम्हें रास कहाँ आता है??

Comments

4 responses to “ॐ शान्ति शान्ति ॐ”

  1. राकेश पाठक

    सुंदर अकविता

    1. Pragya

      सुंदर कविता धन्यवाद

  2. अतिसुंदर भाव 

    1. शुक्रिया आपका 

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