आजकल सावन में सारहीन अकविताओ का प्रभाव हो गया है
शायद श्रेष्ठ कवि होने का दावाव हो गया है
कवियों का मौन कुछ कहता है
मन में भी कोरोना का घेराव हो गया है
फिजूल की कविताएँ
Comments
3 responses to “फिजूल की कविताएँ”
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बिल्कुल सही कहा
आपने परंतु बात यह है
कि हम प्रयासरत हैं कि कभी कुछ अच्छा लिख पाए
पता नहीं कभी सफल हो पाएंगे या नहीं।फिलहाल तो सारहीन ही लिखते हैं,
आप जैसे कवियों के सानिध्य में रहे तो
सारगर्भित भी लिखने लगेंगे।। -

ऐसा ही लग रहा है
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वाह
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