भजन

राम नाम रट मनवा मेरे
जीवन सफल बना ले।
नर देही न व्यर्थ गमाओ
कुछ तो पुण्य कमा ले।।
दुख दरिया है जीवन तेरा
नित राम नाम तू गाले ।
अन्तकाल पछताओगे
जब पड़ेंगे यम के पाले।।

Comments

4 responses to “भजन”

  1. राकेश पाठक

    अति सुंदर भजन

  2. बहुत ही सुंदर शब्दावली आपकी कविता में समग्रता है

    1. धन्यवाद प्रज्ञा बहन 

  3. Amita

    अति सुंदर अभिव्यक्ति भजन के माध्यम से,🙏🙏

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