कलयुग आधार है
मिलता सदा प्यार है
गाओ अधिकार है
मुश्किल मे संसार हैं
आत्मा का उद्धार है
जीवन का सार है
तुलसी का उपकार है
मतलब के यार है
एक ही प्रकार है
करना बेड़ा पार है
राम नाम आधार है
बड़ा ये हथियार है
मोक्ष का जो द्वार है
कलयुग आधार है
Comments
One response to “कलयुग आधार है”
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Beautiful poem
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