पितृ पक्ष आया है
श्रद्धा का पक्ष है,
विस्मृति पर अब
स्मृति लानी है।
उन्हें याद करना है
जन्म दे गए जो,
पाल-पोस कर हमें
बड़ा कर गए जो,
हमें सौंप संसार,
विदा हो गए जो,
श्रद्धा का तर्पण
जरा जल जरा तिल
पितरों की सेवा में
समर्पित रहे दिल।
पितृ पक्ष
Comments
2 responses to “पितृ पक्ष”
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सुन्दर रचना
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बहुत धन्यवाद
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