तुम्हारे लिए ये इश्क भी मेरा कम नही हो रहा
तुम्हारी यादों का वो सिलसिला ही खतम नही हो रहा ..!
तुम्हारे बिना ये दिल भी अब नही लग रहा मेरा कहीं भी
बात तो करनी है तुमसे बहुत मगर, तुम्हारा मुझपे करम नही हो रहा..!
तुम जैसे चाहो वैसे दिल को दुखा लिया करो मेरा
मुझ जैसा नकारा से तुम पर कोइ सितम नही हो रहा..!
तुमने कहा था की ,तुम्हारे जीवन में उम्र भर दुख रहे
तुम्हारी दुआ लग गई ,अब खुशियों का जनम नही हो रहा …!!

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