जब तक है जीवन तब तक इस की सेवा ही आधार रहे
विष्णु का अतुल पुराण रहे नरसिंह के रक्षक वार रहे
हे प्राणनाथ! हे त्रयंबकम! शिव शंभू के शिव सार रहे
हम रहे कभी ना रहे मगर इसकी प्रभुता का पार रहे
शेखर के वह उद्गार रहे अब्दुल हमीद सम ज्वार रहे
हे पवनपुत्र! हे मारुति! भारत ही बारंबार रहे
अब्दुल गफ्फार का शांति मार्ग बूढ़े जफर की तलवार रहे
अब्दुल कलाम के प्राण बसे हिंदू मुस्लिम समभार रहे
कण कण मिट्टी में वसुंधरा बिस्मिल अशफाक सा प्यार रहे
हे जीवनदाता ! प्राणपति! जीवन का अनुपम सार रहे
हे परमपिता !पालनकर्ता !भारत की जय जयकार रहे
ना जाति-धर्म के दंगे हो तुष्टि का ना आधार रहे
हर नारी हो माता बेटी बहना का अनुपम प्यार रहे
लक्ष्मी दुर्गा अनुसुइया सम हर नारी का पदभार रहे
सद्काम और सद्वृत्ति सहित मानव में मधुरिम भाव रहे
मानव का मानव से मानव के जैसा ही व्यवहार रहे
हे आदि शक्ति ! हे नंदलाल ! भारत की जय जयकार रहे
भ्रष्टाचारी पापाचारी व्यभिचारी का दुर्भाव रहे
व्यापम चारा 2G जैसा ना कोई काला काम रहे
भारत हो संस्कार समता का व कायम ईमान रहे
हर प्रीत प्रात कृष्णा जैसी रावण सा ज्ञान अपार रहे
मर्यादापुरुषोत्तम करुणानिधान सा हर नर का व्यव्हार रहे
हे ब्रहमचारिणी ! जगदम्बा ! भारत की जय जयकार रहे
हम बनें सृष्टि के गुरुवर फिर हमसे शोभित संसार रहे
भारत हो ताकत परमाणु अग्नि पृथ्वी आकाश रहे
अब्दुल कलाम सा हर बालक परमाणु शक्ति विस्तार करे
हम विजय रहे हम जफर बने अर्जुन जैसा धंनुधार रहे
हे नीलकंठ !हे महाकाल ! भारत की जय जयकार रहे
——- विकास चौधरी ‘सजल’
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