ये है तो हम है,हमारी जिंदगी है|
क्या हमारी जिंदगी में ये है?
Author: Akanksha Malhotra
-
दिल न न करते बहुत कुछ कह गया
दिल न न करते बहुत कुछ कह गया
अब उस पर पर्दा दिमाग डाले तो कैसे -
अल्फ़ाज ए दिल हम लिखे कैसे?
अल्फ़ाज ए दिल हम लिखे कैसे?
कलम को जुखाम है,
कागज पीलिये में पीला हुआ जा रहा है! -
इस पल में
आज इस पल में सदियों का दर्द ठहर आया था जैसे
उस पल में दो जुदा जिंदगियों की मौत हुई थी -
Ye mana dil jise dhunde
Ye mana dil jise dhunde
Badi mushkil se milta hai
Ye mana dil jise dhunde
Badi mushkil se milta hai
Magar jo thokare khaye
Bina manzil se milta haiChalo baithe ho kya bekar
Kisnamat ke duhraye par
Chalo baithe ho kya bekar
Kisnamat ke duhraye par
Wahi rasta hia jo
Tumhare dil se milta hai
Ye mana dil jise dhunde
Badi mushkil se milta hai
Magar jo thokare khaye
Wahi manzil se milta haiAgar dushman koi tofan
Uthaye bhi to kya parvha
Agar dushman koi tofan
Uthaye bhi to kya parvha
Safina rund kar tufan ko
Sahil se milta hai
Ye mana dil jise dhunde
Badi mushkil se milta hai
Magar jo thokare khaye
Bina manzil se milta hai. -
गाये जा गीत मिलन के
गाये जा गीत मिलन केतू अपनी लगन केसजन घर जाना हैंकाहे छलके नैनों की गगरी, काहे बरसे जलतुझ बिन सूनी साजन की नगरी, परदेसिया घर चलप्यासे हैं दीप गगन केतेरे दर्शन केसजन घर जाना हैंलूट ना जाये जीवन का डेरा, मुझको हैं यह ग़महम अकेले, ये जग लुटेरा, बिछुड़े ना मिल के हमबिगड़े नसीब ना बन केये दिन जीवन केसजन घर जाना हैंडोले नयन प्रीतम के द्वारे, मिलने की हैं धूनबालम तेरा तुझको पुकारे, याद आने वाले सुन !साथी मिलेंगे बचपन केखिलेंगे फूल मन केसजन घर जाना हैं -
उठाये जा उन के सितम और जिये जा
उठाये जा उन के सितम और जिये जा
युंही मुस्कुराये जा, आँसू पिये जायही है मुहब्बत का दस्तूर, ऐ दिल
वो ग़म दें तुझे, तू दुआएं दिये जाकभी वो नज़र जो समायी थी दिल में
उसी एक नज़र का सहारा लिये जासताये जमाना सितम ढाये दुनिया
मगर तू किसी की तमन्ना किये जा
उठाये जा उन के सितम और जिये जा -
यूं तेरी रहगुज़र से दीवानावार गुज़रे
यूं तेरी रह गुज़र से दीवाना-वार गुजरे
कांधे पे अपने रख के अपना मज़ार गुजरेबैठे रहे रस्ते में , दिल का खंडहर सजा कर
शायद इसी तरफ से एक दिन बहार गुजरेबहती हुई ये नदिया , घुलते हुए किनारे
कोई तो पार उतरे , कोई तो पार गुजरेतूने भी हमको देखा , हमने भी तुझको देखा
तू दिल ही हार गुज़रा हम जान हार गुजरे————————————————————-
yuun teri rahguzar se diwana waar guzre
kandhe pe apne rakh k apna mazaar guzrebaithe rahe hain rasta main dil ka khandar saja kar
shayad isi taraf se ek din bahar guzrebahti hui ye nadiya ghulte hue kinare
koi to paar utre koi to paar guzretuu ne bhi ham ko dekha hamne bhi tujhko dekha
tuu dil hi har guzra ham jaan har guzre -
हमने जफ़ा न सीखी
हमने जफ़ा न सीखी उनको वफ़ा न आई
पत्थर से दिल लगाया और दिल पे है चोट खाईअपने ही दिल के हाथों बरबाद हो गए हम
किसके करें शिकायत अब किसकी दें दुहाईदुनिया बनाने वाले मैं तुझसे पूछता हूँ
क्या प्यार का जहाँ में बदला है बेवफाईहमने जफ़ा न सीखी उनको वफ़ा न आई
पत्थर से दिल लगाया और दिल पे है चोट खाई… -
क्या मैं तुम्हें चूम लूँ
“क्या मैं तुम्हें चूम लूँ?”
डल झील. पूरे चाँद की रात.
उसने डरते हुए पूछा।“हश्श्, नाव डूब जाएगी”, वो बोली
“तो क्या करें?”
वो मुस्कुराई और बोली “डूब जाने दो”
और वो सहम गया -
साथी न कोई मंजिल
साथी न कोई मंजिलदीया है न कोई महफ़िलचला मुझे ले के, ऐ दिल, अकेला कहाँ? …हरदम मिले कोई, ऐसे नसीब नहींबेदर्द है जमीं, दू-ऊ-ऊ-र आस्माँचला मुझे ले के, ऐ दिल, अकेला कहाँ? …गालियाँ हैं अपने देश की, फिर भी हैं जैसे अजनबीकिसको कहे कोई अपना यहाँ?…पत्थर के आशना मिले, पत्थर के देवता मिलेशीशे का दिल लिए, जाऊं कहाँसाथी न कोई मंज़िलदिया है न कोई महफ़िलचला मुझे ले के, ऐ दिल, अकेला कहाँ?… -
मेरी लाडली री बनी
मेरी लाडली री बनी है तारों की तू रानीनील गगन पर बादल डोले, डोले हर इक ताराचांद के अंदर बढ़िया डोले ठुमक-ठुमक दर-द्वाराकमला गाए बिमला गाए, गाए कुनबा साराघूँघट काढ़ के गुड़िया गाए, झूले गुड्डा प्याराबटलर नाचे, बैरा नाचे, नाचे मोटी आयाकाले साहब का टोपा नाचे, गोरी मेम का सायामेरी लाडली री बनी है तारों की तू रानी -

मोहब्बत
तुम अपने हाथों क़ी मेहंदी में
मेरा नाम लिखती थी और
मैं अपनी नज्मों में तुम्हे पुकारता थालेकिन मोहब्बत की बातें अक्सर किताबी होती हैं
जिनके अक्षर
वक़्त की आग में जल जाते हैं
किस्मत के दरिया में बह जाते हैंतुम्हारे हाथों की मेहंदी से मेरा नाम मिट गया
वह तुम्हारी मोहब्बत है
लेकिन
मैं अपनी नज्मों से तुम्हें जाने न दूंगाये मेरी मोहब्बत है ।
