मोहब्बत

मोहब्बत

तुम अपने हाथों क़ी मेहंदी में
मेरा नाम लिखती थी और
मैं अपनी नज्मों में तुम्हे पुकारता था

 

लेकिन मोहब्बत की बातें अक्सर किताबी होती हैं
जिनके अक्षर
वक़्त की आग में जल जाते हैं
किस्मत के दरिया में बह जाते हैं

 

तुम्हारे हाथों की मेहंदी से मेरा नाम मिट गया
वह तुम्हारी मोहब्बत है
लेकिन
मैं अपनी नज्मों से तुम्हें जाने न दूंगा

 

ये मेरी मोहब्बत है ।

Comments

8 responses to “मोहब्बत”

  1. अंकित तिवारी Avatar
    अंकित तिवारी

    लेकिन मोहब्बत की बातें अक्सर किताबी होती हैं
    जिनके अक्षर
    वक़्त की आग में जल जाते हैं…

    Kamaal ki lines h,,, dil ko cheer ke nikal gyi,,,

    1. Akanksha Malhotra Avatar
      Akanksha Malhotra

      धन्यवाद अंकित

  2. सचिन चौधरी Avatar
    सचिन चौधरी

    बहुत खुब ..

    1. Akanksha Malhotra Avatar
      Akanksha Malhotra

      धन्यवाद 🙂

  3. nitu kandera

    बेहतरीन

  4. Satish Pandey

    तुम्हारे हाथों की मेहंदी से मेरा नाम मिट गया
    वह तुम्हारी मोहब्बत है
    बहुत सुंदर, बहुत लाजबाब

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