आ रहा मंक्रर संक्राति का त्योहार। तिल को गुड़ से मिलायेगें, दही को छक कर खायेगें। नही होगा किसी से शिकवा-शिकायत, दिल को पतंग सा आसमान में उड़ायेगें। सूर्य नरायण का दर्शन रोज होगा, भक्त […]
आ रहा मंक्रर संक्राति का त्योहार। तिल को गुड़ से मिलायेगें, दही को छक कर खायेगें। नही होगा किसी से शिकवा-शिकायत, दिल को पतंग सा आसमान में उड़ायेगें। सूर्य नरायण का दर्शन रोज होगा, भक्त […]
इस नये साल में इतिहास नया बनाना हैं। पुरानी राहों पर दुनिया चलती हैं, हमें राह नया छोड़ जाना हैं। हुआ नही हैं जो अबतक, वो करके दिखलाना हैं। इस नये साल…………………………। खायें बहुत हैं […]
गुल ने गुलफाम भेजा हैं, सितारों ने चाँद भेजा हैं। आप खुशामद रहे नये वर्ष में, अमोद ने यही पैगाम भेजा हैं।
पलके तेरी झुकी थी, ओठों पर था तुफान। संग चलने का इरादा किया, मुझ पर था एहसान। इस कदर एक साथ में चलें, हर मुश्किल हालात में चलें। आई जितनी परेशानियाँ, उन्हें कुचल हर हाल […]
यादों के समन्दर में डुबकी लगाते हैं, तुझे हर पल पास अपने पाते हैं। तु करती हैं वेवफाईं पर, एहसास हमें रोज मिला ही जाती हैं। तेरे हालात मेरे पास पहुँच जाते हैं, तेरे रूदण […]
जरूर मेरा दुआँ रंग लाया होगा, इसलिए तेरा आँचल पाया होगा। ईश्वर भी तरशता होगा, माँ तेरी एक झलक को। मुझे मिला तेरा गोद, इस जन्म में। मेरे ऊपर जरूर, अच्छे कर्मों का साया होगा।
बहन तुम माँ तो नही, पर हो माँ से भी प्यारी। पग-पग पर इतना साथ मिला, मैं भूल गया देवत्व सारी। बहन तुम माँ …….. अंगुली पकड़कर चलना सिखाया तुमनें हर बार गिरने पर उठाया […]
तेरे बिन मेरा गीत अधुरा हैं, तुझसे मिलकर ही होता ये पूरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. तेरे मदमस्त यौवन, शरारती नयन, मटकाती कमर, दिल पे छुरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. जब भी तुझे ये न […]
पुस की रात जरा सा ठहर जा। तेरे तेज चलने से, मैं भूल जाता हूँ अपनो को, उनके दिये जख्मों को, उन पर छिड़के नमको को। पुस की रात जरा ……………. तेरी ठंड की कसक […]
तेरी हँसी- वादियों का मारा हूँ मैं, तुझे जिस्मों-जान तक उतारा हूँ मैं। प्यार करके कहती हो, शादी-शुदा हूँ मैं। तो कान खोलकर सुन लो, दो बच्चों का बाप होते हुए, अभी तक कुँवारा हूँ […]
तेरी खुशी के लिए मंदीर-मस्जिद भटका हूँ। तेरी तन्हाई में पल-पल तड़पा हूँ। तु मिल तो सही एक बार इस पागल दिवाने से। तेरे एक मुलाकात को जन्मों-जन्मों का तरशा हूँ।
फिर वो याद आई हैं फिर वो याद…….. जिसके रेश्मदार बाल जिसकी हिरणी जैसी चाल, यौवन है कमाल, पग-पग में वेवफाई हैं। फिर वो याद आई हैं फिर वो ………. जिसके कजरारे नयन, रुप है […]
जब तक वो जिदा थी खाने की लाचारी थी। मरते ही श्राद्ध की भोज बहुत भाड़ी थी। जीवन में रूखी-सुखी भी नसीब न थी श्राद्ध में लाव-लस्कर की तकलीफ न थी। उसे जो एक ग्लास […]
तु दिखी मुझे हीरा की तरह, हुआ प्यार मीरा की तरह, मिले हम सरफिरा की तरह, बाप तेरा खा गया खीरा की तरह, मैं पेट में बना पीड़ा की तरह, उसने निकाल दिया जलजीरा की […]
तेरा चुपके से आना गजब, घंटो धूप में बिताना गजब। आग के पास सुस्ताने लगे हैं, तुझे हर वक्त पास पाने लगे हैं। तेरे यादों को मन में समेटे बैठे हैं तन को कम्बल में […]
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