बादलों का गुनाह नहीं की वो बरसते हैं, हमने भी कभी चाहा नहीं फिर भी उनके लिए तरसते हैंl ऐसे बादल अपना दिल हल्का करते है, और ऐसे हम अपना दिल भरते हैंl चाहे जिन्हे […]