Author: Bidya

  • Sabera

    मान लिया था हमने हर सबेरा है अपना,
    फिर कुछ यूँ हुआ के कभी रात हि ना गुजरी…
    —विद्या भारती —

  • Jhuti baten

    Bhar gaya h man jhuti baton k meethe swad se !
    Sach suna de koi to tavyat sudhar jaye !!

  • Pyasa

    Pyasa

    आँसुओ के हर घुँट को पीने की आदत है हमे,,
    और तुझे लगा हम तेरे मुहब्बत के प्यासे हैं!!

  • Muskurahat

    Muskurahat

    सींच लेती हुं कभी इन आँखो के पानी से ..
    मुरझा जाती है जब मेरे दर्द की मुस्कुराहट ….

  • Aye asman

    Aye asman

    मत रो ऐ आसमान यूँ बिखर के ऐसे , थम जा जरा !
    गम का बस एक किस्सा सुनाया था , अभी तो पुरी कीताब बाकी है !!

  • khwahishen

    khwahishen

    सेहम जाती है आँखे अधुरे ख्वाहिशों के बारिश में भीग कर,
    एहसासों के बदलते भंवर में अक्सर डुब जाती हुं मैं ….

  • khwahishen

    khwahishen

    सेहम जाती है आँखे अधुरे ख्वाहिशों के बारिश में भीग कर,
    एहसासों के बदलते भंवर में अक्सर डुब जाती हुं मैं ….

  • khamoshi

    khamoshiyon ko khamoshi se khamosh rehne do

    bhari yadon ko khamoshi se gungunane do

    chale aye ho khayalon me bina dastak diye

    ab to ansuon ko palakon se khamosh behne do

     

New Report

Close