नासूर पर तो मरहम भी बेअसर से निकले, करते है याद जिनको वह बेखबर से निकले। जब कभी मुझे पुराने दिनों की याद आती है, तब कभी तेरी याद में उस डगर से निकले। इश्क़ […]

बेटी कभी तेरी पायल की झंकार सुनाई देती है, बेटी कभी तेरी चीखों की पुकार सुनाई देती है। बेटी ये देश है तुझ जैसी महान वीरांगनाओं का, बेटी तुझ में वीरांगना सी ललकार सुनाई देती […]

बेटी कभी तेरी पायल की झंकार सुनाई देती है, बेटी कभी तेरी चीखों की पुकार सुनाई देती है। बेटी ये देश है तुझ जैसी महान वीरांगनाओं का, बेटी तुझ में वीरांगना सी ललकार सुनाई देती […]

जहाँ में बेटियों को आज भी अपना इख्तियार चाहिए, गर्व से जीने बेटी आज वीरांगना सी ललकार चाहिए। आँगन में अपने ही क्यों महफूज नही होती है बेटियाँ, खुद की हिफाजत खुद करने हाथ में […]