तेरी जयकार

बेटी कभी तेरी पायल की झंकार सुनाई देती है,
बेटी कभी तेरी चीखों की पुकार सुनाई देती है।

बेटी ये देश है तुझ जैसी महान वीरांगनाओं का,
बेटी तुझ में वीरांगना सी ललकार सुनाई देती है।

बेटी तू नही रही अब लाचार, बेबस और अबला,
बेटी अब तेरी उन दुश्मन को हुँकार सुनाई देती है।

सड़क पर मासूम को नोचने वाले भेड़िये बहुत है,
बेटी उनको तेरी नागिन सी फुंकार सुनाई देती है।

“पागल” बेटियों के बलिदान का कोई मोल नही,
बेटी देश में हर जगह तेरी जयकार सुनाई देती है।

✍🏼”पागल”✍🏼

Comments

2 responses to “तेरी जयकार”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Wah

  2. Satish Pandey

    वाह वाह

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