हम इतने भी सस्ते नहीं कि
चंद पैसों में बिक जायें
मेरे पापा कहते हैं:- मैं लाखों में एक हूँ
Author: Pragya Shukla
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हम इतने सस्ते
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चंद दिन
चंद दिन बचे हैं हम
दूर चले जायेंगे
कहे दे रहे हैं फिर लौट कर
ना आएंगे -
बहुत पछताओगे
अब ना हम आयेंगे ना हमारा
निशान पाओगे
हमें खो कर
ओ बावरे
तुम बहुत पछताओगे -
भलाई
बन्दर पान चबाता है और
भैंस जलेबी खाती है
आज के युग में ऐसा ही है
भलाई मारी जाती है -
हतास
आज बहुत हतास
हुई हूँ हमेशा
ऐसा ही क्यूँ होता है
मेहनत करते हैं हम पर औरों को
फायदा होता है -
मेरी याद
आज तो तुम्हें भी
मेरी याद आई होगी
जब तुमने मेरा इंतजार किया होगा
और मैंने तुम्हें याद ही नहीं किया
कमी महसूस हुई होगी
जब तुम्हें मेरी जरूरत थी और
हम बहुत दूर खड़े थे
आज याद बहुत आई होगी
पर तुम्हें बता दें मेरी याद तो आएगी
पर अब मैं नहीं। -
मेरे जनाजे
वो मेरे जनाज़े के
इंतजाम में लगे हैं
उन्हें बता दे कोई कि
अभी भी हम मरे नहीं
बाकी है हममें सब्र आज भी। -
वैसे माफ भी
वैसे माफ भी कर देते तुम्हें
मगर तुमने इतने सितम किए
कि अब माफ करने की गुंजाइश ना रही -
रूबरू तुम
रूबरू तुम हुए मगर
अफसोस इतना है कि
मेरे हो कर भी तुम मेरे ना हुए -
गुजारिश की उसने
गुजारिश की उसने पर
मैने ना सुनी
शिकायत की उसने
मगर मैंने ना सुनी
यही सोच कर…..
कि उसने भी मेरी
कहां सुनी थी जब हमें उसकी जरूरत थी…. -
इंतेहा खत्म हुआ
इंतिहा खत्म हुआ
मेरी बेसब्री का
मुलाकात भी हुई उनसे
मगर कोई बात ना हुई
वह आकर चले गए मगर
मेरे होंठ सिले के सिले ही रह गए -
तमाम
तमाम इन्तज़ार के बाद
वो आये थे
उनकी नजरों ने बहुत शिकायतें
की मेरी आँखों से -
हम चिलमन से
हम चिलमन से ही झांकते
रह गए
वो रंगने हमें आये थे पर
पड़ोसन को रंग गए -
हया
खत्म इन्तज़ार हो गया
वो आ तो गए
बुरा हो हया का
हम सामने ही ना पड़े -
जुनून
जुनून हद में रहे तो अच्छा है
बस मुहब्बत हद से बाहर होनी चाहिए -
भीग जाओगे
भीग जाओगे तो और रंगीन हो जाओगे
वैसे भी हो हसीं कम नहीं। -
आज कर देगें
आज कर देंगे तुम्हें इस तरह रंगीन
ताऊम्र याद रखोगे मेरे रंग को -
रंग में
सबके रंग में रंग कर आऑगे
तो हमारा रंग कैसे चढ़ेगा? -
इन्तज़ार की हद
इन्तज़ार की हद खत्म होने को है
किस राह में बैठे हो सब्र खोने को है -
गुलाबी आँखों से
गुलाबी आँखों से
यूँ मत देखो
इश्क की फुहार से भीगने
मत दो
मुझे बहुत सर्दी लगी
है आज। -
रंगरेज़
होली के रंग में
रंग लो ए रंगरेज़
मीठे- मीठे बोल से
मन हर लो ए रंगरेज़ । -
तुम्हारा इन्तज़ार है
तुम्हारा इन्तज़ार है
कब आओगे
तुम्हारे इन्तज़ार में
कोरे बैठे हैं । -
रंग मोहब्बत का
रंग मोहब्बत का ही
चढा मुझ पर जो
लगाया था किसी रोज़
तुमने अपने हाँथों से
ना उतरा है कभी ना उतरेगा -
कल मेरे घर
कल मेरे घर रंग लगाने आओगे?
फिर हमसे नज़रे चुराने आओगे?
मागा था जो तोहफ़ा मैने तुमसे पहले
वो ही प्यार तुम कल लौटाने आओगे? -
तौबा
किसी को किसी की
खबर नहीं है
ए खुदा!
ये कैसा ज़माना आया
इन्सान तो है मगर
इन्सानो में इंसानियत
नहीं है तौबा । -
बारीकियाँ
बारीकियाँ होती हैं बहुत
हाल-ए-दिल समझना इतना
आसान नहीं
कुछ इशारों में समझ जाते हैं
किसी को जमाने लग जाते हैं -
कल मुलाकात
कल मुलाकात उनसे होगी
खुशी है बहुत
कुछ गुफ्तगू भी होगी
उम्मीद करती हूँ -
जब भी मैं
जब भी मैं मंदिर जाती हूँ
बस यही इल्तिजा करती हूँ
भगवान सबका भला करे और
शुरुआत हो हमसे। -
हम रंग नहीं खेलते
हम रंग नहीं खेलते कुछ बात हो गई
हम राज़ नहीं खोलते कुछ बात हो गई
मिली जब नज़र उनसे
फिर नज़र ना हटी
हम देखते ही रह गए कुछ बात हो गई -
कौमुदी की आँच
आसमान की चादर में
लिपटे अनगिनत सितारे हैं
कौमुदी की आँच पर कई
अरमाँ सुलग रहे हैं -
गुमनाम ना होने देंगे
गुमनाम ना होने देंगे
पहचान को अपनी
अब छोड़ दिया शौक
तुझसे दिल लगाने का । -
उनकी यादों का पीछा
उनकी यादों का पीछा
करते-करते हम
उन तक तो
पहुंच जाएंगे पर
ये तो बता ए खुदा! उनके दिल तक कैसे जाएंगे। -
लगे हैं वह हमसे
लगे हैं वह हमसे नजरें चुराने
शायद उन्हें अपनी भूल का एहसास है
चलो अच्छा है पता तो चला
किसी चीज का तो एहसास है
मोहब्बत का ना सही, भूल का ही सही। -
चिट्ठियां
दिल की बातें बोलती हैं
चिट्ठियां राज कितने खोलती हैं चिट्टियां
भावों को जीवंत बनाती हैं,
आंखों को भिगोती हैं चिट्ठियां -
जब तुम्हारी याद
मुड़ कर ना देखेंगे दोबारा
रोज़ यही फैसला किया करते हैं
पर जब तुम्हारी याद आती है तो
हौसले टूट जाते हैं -
गिनतियाँ
गिनतियाँ करते हो मुझे
याद कितनी बार करते हो
हम तुम्हें कितनी दफ़ा ढूंढते हैं
अपने आप में कभी ये भी गिन लिया करो । -
नजर तो आओ कभी
नज़र तो आओ कभी
नज़र को नजरों से मिलाओ कभी
सपने तो बहुत दिखाये तुमने,
एक सपना सच कर जाओ कभी। -
रात पर छाई खुमारी
रात पर छाई खुमारी
बौने सपने हो गये
उम्र बीती तेरी आरजू में
सपने सपने हो गए -
बीती रात मैं
बीती रात मैं तेरी यादों के
आगोश में जाने लगी
विरह की वेदना से
मन को तड़पाने लगी
आँसुओ से भीगा लतपत
तन मेरा ओर मन मेरा
सेज की सिलवट और नर्मी
रूह को जलाने लगी
और तेरी जुस्तजू
में हम लगे सिमटने
फिर तेरे होंठो की नर्मी
मुझे याद आने लगी । -
चांद
चाँद छत पर से मेरे
रोज़ यूं गुजरता है
जैसे उसे मालूम हो
कि उसी के जैसे
मेरा यार दिखता है । -
तू मेरी आरज़ू
तू मेरी आरज़ू था
आरज़ू है और आरज़ू रहेगा ।
ये दिल कल भी तेरा था
तेरा है और तेरा ही रहेगा । -
तमन्ना
तमन्ना थी दिल में
तुम्हें पाने की
पर अफसोस तमन्ना ही
रह गई । -
तुम्हारी शिकायत
तुम्हारी शिकायत
खुदा से करेंगे
मेरी आँखों में तुम
हमेशा आँसू बन के आये -
कितनी दफ़ा
कितनी दफा मैनें समझाया
तुम्हें
मुझें मत ठुकराओ मगर
तुम ना समझे तुम ना बदले। -
रास्ते में
रास्ते में चलते हुए
कुछ पीछे छोड़
देते हैं लोग ।
पैसे कमाने के लिए
रिश्ते तोड़ देते लोग। -
तुम कल मेरे घर
तुम कल मेरे घर आना जानम
होली है
थोड़ा घूंघट करके आना जानम
होली है -
तुम कल मेरे घर
तुम कल मेरे घर आना जानम
होली है
थोड़ा घूंघट करके आना जानम
होली है -
हौसले
मुड़ कर ना देखेंगे दोबारा
रोज़ यही फैसला किया करते हैं
पर जब तुम्हारी याद है तो
हौसले टूट जाते हैं -
खुशामदीद
खुशामदीद आपको
बहुत व्यस्त हो आप
थोड़ा वक्त हमें भी
दे दीजिये
इतना भी मशरूफ होना
अच्छी बात नहीं साहिब -
आरज़ू
ज़िन्दगी की आरज़ू में
मरते जा रहे हैं लोग
पैसे के नाम पर क्या क्या
गुनाह किये जा रहे हैं लोग