जो दिल में उतर जाए ऐसे जज़्बात लिखता हूँ, रातों की नींदें चुरा ले ऐसे ख्वाब लिखता हूँ। हकीम नहीं हूँ मैं कोई साहब, पर दिलो दिमाग पर असर कर जाए ऐसे अलफ़ाज़ लिखता हूँ। […]

चलो देर से ही सही उसे समझ तो आया था आधी रात को खामोशी में खुले आसमान के निचे, चाँद सितारों की मौजूदगी में मेरे यार ने मुझे गले तो लगाया था। याद है मुझे […]