‘इंतज़ार’ कवि पन्ना की एक मर्मस्पर्शी और गहन भावनात्मक यात्रा पर ले जाने वाली काव्य पुस्तक है। यह संग्रह न केवल कवि के व्यक्तिगत अनुभवों, बल्कि सामाजिक विसंगतियों, टूटे सपनों, और एक बेहतर कल की […]

हम पर तुम्हारी चाह का इल्ज़ाम ही तो है दुश्नाम[1]! तो नहीं है ये इकराम[2] ही तो है करते हैं जिस पे ता’न[3], कोई जुर्म तो नहीं शौक़े-फ़ुज़ूलो-उल्फ़ते-नाकाम ही तो है दिल मुद्दई के हर्फ़े-मलामत[4] […]

हाल ही में प्रज्ञा जी की कविता ‘वनिता’ को प्रेस में काफ़ी सराहना मिली। सावन परिवार प्रज्ञा जी के लिये कामना करता है कि उनको काव्य की दुनिया में हर दिन नई ऊंचाई और दिशा […]

हाल ही में सतीश पांडे जी को अगस्त माह में आयोजित काव्य प्रतियोगिता में किये गये सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन के लिये ‘अमर उजाला’ और ‘शाह टाइम्स’ ने अपने अखबार में स्थान देकर सम्मानित किया। सावन परिवार […]

किसी भी आलोचक के लिए सबसे अहम उसका आलोचनात्मक विवेक होता है | इस गुण के बिना आलोचक कवि या काव्य की आत्मा में प्रवेश ही नहीं कर सकता है | आचार्य राम चन्द्र शुक्ल […]

कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई, के सारे मर्ज़ों की दवाएं मेरे ही सर हो गई, इलाज मिला मगर कहीं कुछ कसर हो गई, जिंदगी इससे पहले ही मोहब्बत की नज़र हो गई।। […]

कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूँ। ज़माने की खुशियाँ जहाँ पें रखकर दौर जिन्दगी बनाने चला हूँ।। योगेन्द्र कुमार निषाद घरघोड़ा

मुशायरा महीन अहसासों को बुनता हुआ, अल्फ़ाजों को सहजता हुआ एक ऐसा कारवां है जहां हर शख्स, हर शब्द अपने वजूद को महसूस करता है| यहां कुछ ऐसा ही कारवां बन जाये तो क्या बात […]