फेक न्यूज़ और सोशल मीडिया के सहारे,
हमारा ही फैलाया है ये सारा अफवाहतंत्र
वोट बैंक और सत्ता के बहाने,
ढूंढ लेती है मुनाफे उसमे राजतन्त्र
निहत्थे और बेक़सूर इंसान को,
बिन अपराध के ही मौत दे देती है भीडतंत्र
और फ़िर हिंदु मुस्लिम गाते हुए,
एक दूसरे पर इल्जाम लगाते हुए
कूद पड़ती प्रजातन्त्र
फ़िर से
फेक न्यूज़ और सोशल मीडिया के सहारे !!
Author: shaily
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mob lynching
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तुम्हारा तोता
पंछी हूँ
उड़ना चाहता हूँ
पिंजरे में कैद हूँ
इक आज़ाद आसमां चाहता हूँ
माना घर में सुरक्षित हूँ
पर खुद का बनाया घरौंदा चाहता हूँ
जो तुम चाहो वही बोलता हूँ
खुद की भी आज़ाद जुबां चाहता हूँ
यहाँ ख़ामोशी में रहता हूँ
पर साथियों का शोर चाहता हूँ -
सहेलियाँ
रह जाती हैं
स्कूल की सहेलियाँ स्कूल तक,
कॉलेज की सहेलियाँ कॉलेज तक
और पड़ोस की सहेलियाँ मायके तक
बहुत ही मुश्किल है
सहेलियों का साथ रहना दादी नानी बनने तक