जब रण में अर्जुन घबराया। जब उसने युद्ध न करने को अपने भय को दिखलाया। तब परमेश्वर ने कृपा करके उसको विराट रूप दिखलाया । जितना दीप्ति अचानक था हरि रूप भयानक था । ज्वाल […]

दीपों की माला को देखो कैसे सज्जित होती हैं। चारों तरफ उजाला कारके बस यही प्रज्वलित होती हैं । खोकर राग द्वेष को ये चारों तरफ सुगंधित होती हैं। दीपो की माला को देखो कैसे […]

उद्धव जी कहते हैं गोपियों से । परमेश्वर को पहचानो , सत्य उसे ही जानो । क्यों रोती उसके लिए ,ये रोना छोड़ो और मेरी बात मानो। जो आधार है जगत का वो आधार को […]

उद्धव जी कहते हैं गोपियों से । परमेश्वर को पहचानो , सत्य उसे ही जानो । क्यों रोती उसके लिए ,ये रोना छोड़ो और मेरी बात मानो। जो आधार है जगत का वो आधार को […]

भारत का एक शेर वो वीर शिवाजी था। मुगलों के खिलाफ टेढ़ी लकीर शिवाजी था । जो चला ज्वाल की वेग से वह तीर शिवाजी था । जिससे हिलते थे सिंघआषन मुगलों के वह समीर […]

जीवन हर पल एक खेल होता है। यहाँ सभी के कर्मों का मेल होता है। जिंदगी के खेल बड़े निराले होते हैं। किश्मत का हर सिक्का हेड, टेल होता है। इस खेल में तो कोई […]

मोर पखा सिर धरने वाले । उंगली पर गिरी रखकने वाले । है कान्ह हे नंद दुलारे हे यशुमति के प्यारे। कृष्णा, मोहन , श्याम सब हैं तेरे नाम द्वारिका, मथुरा , वृंदावन हैं तेरे […]

वह राणा अपना कहाँ गया , जो रण में हुंकारें भरता था। वह महा प्रतापी कहाँ गया, जिससे काल युद्ध में डरता था । जिसके चेतक को देख – देख , मृगराज दंडवत करता था। […]