Shravani More's Posts

एकटेपणा

मला मीच उमजते जेव्हा स्वतःशी होते बोलकी मग लक्षात येते कोणीच नसतं एकाकी »

*परिवर्तन*

सब एकही राहपे चलते हैं आँँखें बंद किए सर झुकाए बस्स एकही बंदा होता हैं आँखे खोलके मूडता हैं वही परिवर्तन लाता हैं »