सब एकही राहपे चलते हैं
आँँखें बंद किए सर झुकाए
बस्स एकही बंदा होता हैं
आँखे खोलके मूडता हैं
वही परिवर्तन लाता हैं
*परिवर्तन*
Comments
8 responses to “*परिवर्तन*”
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Nice topic 👍
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बहुत सुंदर
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Nice
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Very good
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बहुत खूब
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अति सुंदर पंक्तियाँ
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बिल्कुल सही कहा….
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बहुत खूब सुन्दर अभिव्यक्ति
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