ਕਿਥੇ ਲੁਕ ਕੇ ਬੈਠੀ ਐ, ਮਹੋਬਤ ਤੂੰ। ਉਡੀਕਦਾ, ਦਿਨੇ ਅਤੇ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ। ਯਾਦ ਕਰ ਤੈਨੂੰ, ਖੋਹ ਜਾਉਂਦਾ ਖ਼ਵਾਬਾਂ ਨੂੰ। ਕਿੰਝ ਕਟਾ, ਇਹਨਾਂ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬਾਂ ਨੂੰ। ਕਿਥੇ ਲੁੱਕ ਕੇ ਬੈਠੀ ਐ, ਮਹੋਬਤ ਤੂੰ। ਉਡੀਕਦਾ, ਦਿਨੇ […]

प्रकृति का कत्ल करकर, जो जीने की आस रखते है। कुदरत को मारकर, जो धार्मिक लिबास रखते है। दिल में नफरत बढ़कर, मुँह पे मिठास रखते है। खून से हाथ रंगकर भी, ये भगवन में […]

सच बोलने पर, आज पाबंदी लग चुकी है। मर चुके ज़मीर, यहाँ खुलेआम बिक रहे हैं। डर के कारण, कोई आवाज़ नहीं उठाता यूँ तारीफों वाले बोल तो, बहुत लोग बोल रहे है। आज जो […]

ਸਮਾਂ ਬਦਲ ਰਿਹਾ ਹੈਂ, ਲੋਕ ਬਦਲ ਰਹੇ ਨੇ। ਸੱਚ ਆਖਾ, ਸਭ ਦੇ ਸੌਂਕ ਬਦਲ ਰਹੇ ਨੇ। ਚੰਦ, ਸੂਰਜ ਤਾਂ ਓਹੀ ਜਾਪਦੇ ਬਸ ਮਨੁੱਖ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਨੇ। ਧਰਮ ਤਾਂ ਬਸ ਦਿਖਾਵਾ ਲਗਦਾ ਅੱਜ ਧਰਮੀ ਲੋਕ […]

आंखों की यह पलकें झपका के तो दिखा सच बताऊ यह भी ना कर पाएगा। उस परमात्मा के कारण ही तेरा वजूद है उसके बिना, मिट्टी में मिल जाएगा। यह पैसा, यह शरीर सब नाशवान […]

कुछ ख्वाब जिन्दगी में हमेशा अधूरे रह जाते हैं। अरे दूसरों को क्या समझाऊ मैं, अपने ही समझ नहीं पाते हैं। अरे हमसे भी तो पूछ कर देखो, हम क्या चाहते हैं। “सुखबीर” जो अपने […]

सपने देखा करो ओह यारों सपने साकार भी होते हैं। आज हम जिस मंजिल पर हैं कईओ के ख़्वाब ही होते हैं। बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं। उनके […]

एक बार मैं गरीबी से तंग आकर ऐसा सोचने लगा कुछ नहीं दिया भगवान तूने मुझे ऐसा कहकर उसे कोसने लगा फिर दूसरी और नजर गुमाई मैने दो व्यक्तियो को देखा एक के पास आंखे नहीं थी और के पास टाँगे […]

ਉਹ ਦਿਨ ਵੀ ਬੀਤ ਗਏ ਮੇਰੇ ਰੱਬਾ ਇਹ ਦਿਨ ਵੀ ਬੀਤ ਜਾਣਗੇ ਜਦ ਸਮਾਂ ਲੰਘ ਗਿਆ ਇਹ ਦਿਨ ਬੜੇ  ਯਾਦ ਆਉਣਗੇ ਸਭ ਦਾ ਰਲ ਮਿਲ ਕੇ ਰਹਿਣਾ ਸੱਚ ਆਖਾਂ ਇਕੱਠੇ ਬਹਿਣਾ ਚਿਹਰੇ ਦੀਆ ਮੁਸਕਰਾਹਟਾਂ ਸਭ […]

क्यों दर दर भटकता है तू अपनी मांगों के लिए क्यों रोज अड्डे बदलता है तू अपनी चाहतों के लिए क्यों तू उस इंसान के पास जाता है जो खुद अल्लाह के भिखारी है अरे […]