समझदार हो गर, तो फिर खुद ही समझो। बताने से समझे तो क्या फायदा है॥ जो हो ख़ैरियतमंद सच्चे हमारे, तो हालत हमारी ख़ुद ही देख जाओ। जो ख़ुद जान पाए न हालत हमारी, दिखाने […]

तेरे मेरे दरमियाँ जो फ़ासला है कम कर दे। मेरी आँखों के आँसुओं को तू शबनम कर दे। तूने वादा किया था मुझसे साथ देने का। तो साथ चल या फिर ये सिलसिला ख़तम कर […]

इश्क़ यदि है हक़ीकत तो मैं सारी उम्र जागूँगा। मगर यदि इश्क़ सपना है तो मुझको सोया रहने दो। ज़माना इश्क़ को आशिक़ को अक्सर ग़लत कहता है। ज़माने की किसे परवा, कहे जो उसको […]

ये दिल दिमाग़ मेरा, है साफ़ आईने सा। सचमुच में तुम हो जैसे, इसमें वही दिखेगा॥   फितरत में भी हमारी, शीशे सी ख़ासियत है। तुम सामने तो आओ, नफरत या प्यार लेकर। नफरत दिखाओ […]

जहाँ से मेरी यादें भी न तेरे पास जा पाएँ, बता ऐसे ठिकाने का हक़ीकत में पता क्या है। तुम्हारी दी सजा कोई भी सर माथे हमारे पर, समझना चाहते हैं तुमसे आखिर में ख़ता […]

सच स्वयंसिद्ध होता है, हाँ तुम झूँठ स्वयं रच सकते हो। सच का छिपना नामुमकिन, बस कुछ दिन इससे बच सकते हो॥ झूँठ की दुनिया सब अपनी सुविधा अनुसार बनाते हैं। निज मन से तर्क […]

ख़ुदा बनके अब तक जो मिलते रहें हैं, अब उन ख़ुदाओं से मन भर गया है। दुश्मनों ने न बरती कोताही ज़रा सी, हमेशा मुझे याद करते रहे। इधर इन ख़ुदाओं ने ऐसा भुलाया, दाँव […]

अहसास प्यार का माँ के, माँ की यादें, माँ का साथ। गज़ब सुकूँ मिलता है, जब माँ सर पर फेरे हाथ॥ माँ के हाँथ की थपकी, माँ का प्यार, वो माँ की ममता। बच्चे को […]

मुहब्बत में ग़ुलाबों की, ज़ख्म काँटों से खाए हैं। जहाँ तुमसे मिले थे हम, वो बस्ती छोड़ आए हैं।।   जो सच्चे रिश्ते होते हैं, हर क़दम साथ चलते हैं। बड़ी बातें नहीं करते, जो […]