जिस बंदे ने तुम्हारी परोसी थाली है, पर मजबूरन आज उसी की थाली खाली है। और समझो धूप बरसात गर्मी -ठण्डी उन दताओ की वरना राजनीति के चेहरे पर कालिख है। कल जो बादल वर्षा […]

उसके खून से धरती माँ की चुनर लाल है, उस अन्नदाता से ही माँ के लाल लाल है। देखो आज माँ के कुछ लालो ने क्या हाल किया, कुछ लोगो से ही मेरा अन्नदाता आज […]