Kisan aandolan

उसके खून से धरती माँ की चुनर लाल है,
उस अन्नदाता से ही माँ के लाल लाल है।
देखो आज माँ के कुछ लालो ने क्या हाल किया,
कुछ लोगो से ही मेरा अन्नदाता आज बेहाल है।


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5 Comments

  1. Vanshika Yadav - February 20, 2021, 4:58 pm

    Please comment my poem mai sirf 15 years ki hu🙏🙏🙏🙏🙏

  2. Geeta kumari - February 20, 2021, 6:03 pm

    बहुत सुंदर प्रयास है, बस यूं ही अभ्यास करते रहो और लेखन में ख़ूब आगे जाओ

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 20, 2021, 7:45 pm

    सुंदर

  4. vikash kumar - April 2, 2021, 9:08 am

    BAHOOT Sundar

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