Part -2 ❤
तुमने मेरे दिल को और रुलाया है मुझे
प्रेम का पुष्प मसलकर आसमान से गिराया है मुझे।
तुमने रूहानी इश्क को जिस्मानी समझा
पानी गला हुआ महज एक कागज समझा।
पुष्प की गंध चुरा कर के उसे तोड़ दिया
दर्द के आँसू को बस जमीन पर बिखेर दिया।
दर्द में लिख रही मैं अमिट कहानी हूँ
तेरी हर नब्ज को टटोलती रवानी हूँ।
अँधियारे में मैं नहीं सिमटने वाली
घसीटकर तुझे इसी चौखट पे लेके आऊंगी।

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