शक्तिशाली इंसान कौन

June 26, 2016 in Other

एक पिता ने अपने बेटे की बेहतरीन परवरिश की। बेटा एक सफल इंसान बना और एक मल्टीनेशनल कम्पनी का CEO हो गया । शादी हुई और एक सुन्दर सलीकेदार पत्नी उसे मिली।

बूढ़े हो चले पिता ने एक दिन शहर जाकर अपने बेटे से मिलने की सोची। वह सीधे उसके ऑफिस गया। भव्य ऑफिस, मातहत ढेरों कर्मचारी, सब देख पिता गर्व से फूल गया।

बेटे के पर्सनल चेंबर में प्रवेश कर वह बेटे की चेयर के पीछे जाकर खड़ा हो गया और बेटे के कंधे पर हाँथ रखकर प्यार से पूछा—“इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान कौन है ?” …. बेटे ने हँसते हुए जवाब दिया—“मेरे अलावा और कौन हो सकता है, पिताजी।”
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पिता दुखी हो गया। उसने सोचा था कि, बेटा कहेगा कि, पिताजी सबसे शक्तिशाली आप हैं, जिन्होंने मुझे इतना शक्ति संपन्न बनाया।

पिता की आँखें भर आईं। चेंबर के द्वार से बाहर जाते हुए पिता ने मुड़कर बेटे से कहा—“क्या सच में तुम ही सर्वाधिक शक्तिशाली हो ?”

बेटा बोला—“नहीं पिताजी, मैं नहीं, आप हैं सर्वाधिक शक्तिशाली, जिसने मुझ को शक्ति संपन्न बना दिया।”

आश्चर्यचकित पिता ने कहा—“अभी अभी तुम शक्तिशाली थे और अब मुझे बता रहे हो। क्यों ?”

बेटा उन्हें अपने सामने बिठाते हुए बोला—
“पिताजी, उस समय आपका हाथ मेरे कंधे पर था, तो जिस बेटे के कंधे या सर पर पिता का मजबूत हाथ हो, वो तो दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान होगा ही। आप कहिए, क्या मैं सही नहीं ?”

पिता की आँखों से झर झर आँसू बह निकले। उन्होंने बेटे को गले लगा लिया और कहा—” तुम बिलकुल सही हो बेटा।।”

गांव आना चाहता हूं

June 26, 2016 in Other

बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
उस घर में
जहां से आधुनिकता की आंधी ना गुजरी हो अभी तक,
वहां मिट्टी के चूल्हे की रोटी खाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
खेत वाली झोपड़ी में बैठकर
सफेद गाय का कच्चा दूध पीना है।
फिर से वही चीनी वाला शर्बत
जो गर्मियों में पीपल की छांव में बैठकर पीते थे सब…
आम के बगीचे में बैठकर परिंदों को उड़ाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
बुजुर्गों के पास बैठकर
किस्से सुनने हैं उनके ज़माने के।
हंसी-मजाक भरी बातें
और फिर अचानक से
रामायण की कोई चौपाई सुनाते हुए गंभीर हो जाना।
अम्मा के हाथ चला ताजा मट्ठा
और होली वाली गुझिया।
बूढ़े हो चुके दरख्तों की छांव में बैठकर
पुराने गीत गुनगुनाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
घर के कनस्तर से चुराए गेंहुओं के बदले
चुर्री और कंपट दिया करता था जो बनिया,
उससे उधार लेकर कुछ मीठे आम खाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
दोस्तों संग सरकारी स्कूल के बरगद तले
धूप में बैट-बल्ला खेलना है।
फिर शाम को जाकर
ट्यूबवेल के पानी में नहाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
रात को छत पर लेट कर तारे देखते हुए बातें करना..
दादी की वो कहानी जो अधूरी छोड़ दी थी उन्होंने,
उस राजकुमार को फिर से जिलाना चाहता हूं…
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
आपका वो बेंत उठाकर वापस खींच लेना
और फिर कहना कि टांगे तोड़ दूंगा…
बाल नहीं कटवाने पर
आपकी प्यार वाली डांट खाना चाहता हूं।
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं।
इस शहर की चमक तेज है,
चमकीली है पर नकली है बाबा,
गांव की मिट्टी को फिर माथे से लगाना चाहता हूं।
बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं……

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