पापा आपकी बहुत याद आती हैं
June 20, 2021 in हिन्दी-उर्दू कविता
आपकी हर बातें याद आती है
मेरा रूठना आपका मनाना
मानाने के लिए समझाना
मुझे रोते देख आपका उदास हो जाना
जब उन लम्हों का एहसास आता है
पापा आपका बहुत याद आता है
इस नासमझ को समझदार बनाना
अपनी गलतियों से सिखाना
हाथ पकड़ के खुद से चलाना
बेहतर एक बेहतर इंसान बनाना
जब आपका प्रयास याद आता है
पापा आपका बहुत याद आता है
ख्वाहिश होती है फिर
आपका हाथ पकड़ने की
अपनी गलतियों से सीखने की
ख्वाहिश होती है फिर रूठने की
आपकी वही नंदी गुड़िया बनने की