Naze ki adat

बनते हैं ऐसे गुनाहगार नशे की लत ने ले ली जिंदगी उसके भाई और पिता की फिर वह जैसे तैसे पल्ला फुटपाथ पर फिर उसे भी लगी आदत नशे की करने के लिए नशा वो लगाकर ने छीना जबकि उसे क्या पता था जिसकी वह चीज रहा है पर है वह प्रधानमंत्री की भतीजी जमीन खिसक गए उसके पांव तले मुंह से निकला बुरे फंसे भाई नानी याद आ गई उसकी

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Gunahgar

बनते हैं ऐसे गुनाहगार, नशे की लत ने ले ली जिंदगी, उसके भाई और पिता की, फिर वह जैसे तैसे पला फुटपाथ पर, फिर उसे…

Responses

New Report

Close