राह तकती है तेरी नजरें मेरी,
तेरे बगैर सुना सुना है जहां मेरा,
तुझे पास बुलाती है निगाहें मेरी,
इस कदर तुम चले गए जिंदगी से मेरी,
तेरे बिना यह दुनिया है विरान मेरी,
जिगर को बांध के रखी हूं अपनी,
बिखर न जाए टूट कर ये कहीं,
आ जाओ तुम मुकद्दर में मेरी |
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