Rajneesh Kannaujiya

मेरे कानो को गीत सुनाता रहा कोई,
था दूर मैं पास बुलाता रहा कोई,,
नींद आती नहीं थी बग़ैर देखे उसे,
हाथो मे लिए तस्वीर सुलाता रहा कोई।

Rajjnneesh

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