Rita arora jai hind

विषय – शीत ( सर्दी )
विधा – वर्ण पिरामिड
प्रस्तुति – रीता जयहिंद ??

मैं
शीत
का मजा
लेने धूप
सेक रही थी
आनंदित होकर
तभी घटा छा गई


खुदा
सूरज
की किरणों
को बतलाना
अंगना हमारे
तुम रोजाना आना

जा
अब
अगले
साल तुम
दोबारा आना
गरीबों , पशु पक्षी
पर तू रहम कर

माँ
आज
जैकेट
पहन मैं
खेलने जाऊँ
तब तक तुम
गरम पकौड़ी बना
????????????????????❤❤✍?❤❤??
? ? ?

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