Tag: couplets

  • “मोहब्बत” #2Liner-14

    क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने, जब माँगा हमसे ज़िन्दगी का हिसाब;
    .
    ღღ__ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने!!……#अक्स
  • “तारीख़” #2Liner-13

    ღღ__हमको भी अपनी बारी का, इंतज़ार रहेगा “अक्स”;
    .
    लोग कहते हैं तारीख़, खुद को दोहराती ज़रूर है !!………‪#‎अक्स‬

  • “अक्स” #Liner-12

    वो मुझमें बस गया है ‘साहब’, आईने में “अक्स” की मानिन्द;
    .
    ღღ___नज़र के सामने होकर भी, अक्सर सामने नहीं होता !!…….‪#‎अक्स‬

  • “ऐतबार” #2Liner-11

    ღღ__मेरे मनाने से आखिर, क्यूँ लौट आएँगे वो भला;
    .
    वो छोड़ कर ही न जाते, अगर ऐतबार होता !!……..‪#‎अक्स‬

  • “ख़ामोशी” #2Liner-10

    ღღ___कल मेरी ख़ामोशी का उसकी यादों से, झगड़ा हो गया “साहब”;
    .
    और शोर इतना हुआ दिल में, कि नींद जागती ही रात भर !!…..#अक्स

  • “ख़ुशी” #2Liner-9

    ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब”
    .
    हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….‪#‎अक्स‬

  • “रातें” #2Liner-8

    ღღ___सवाल तो बे-आवाज़ रातों का है “साहब”;
    .
    दिन तो गुज़र ही जाता है, ज़रूरतों के शोर में !!…….‪#‎अक्स‬

  • “ऑंखें ” #2Liner-7

    ღღ___मेरी आँखों में जो क़ैद है “साहब”, वो समुन्दर ही है शायद;
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    कि सूखता भी नहीं, बहता भी नहीं, बस भरा ही रहता है !!…….‪#‎अक्स‬

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