अज्ञानी

मैं अज्ञानी आत्मा हूँ,
मुझको लख्या देदो
एक सहारा है तुम्हारा
एक बार दरस देदो


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1 Comment

  1. Akanksha - July 31, 2018, 11:45 pm

    Waah

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