आपकी नज़रे इनायत

मतला ….
हो बला की खूबसूरत क्या गजब की बात है
खो गया हूँ हुस्न में ये तो सुहानी रात है

आप से मिल कर के अब भी ये ही लगता है मुझे
हो गयी मुझको मोहब्बत आप में क्या बात है

आइना कहने लगा है अक्स क्यों फीके से हैं
हूँ अगर मैं अक्स तो क्यूँ देखता जज्बात हैं

हो सके तो आप भी आना कभी मेरी तरफ
हैं घटायें झूमती और हो रही बरसात है

ख्वाब भी देखें हैं हमने रात को कुछ इस तरह
आप की नजरे इनायत हो सके तो बात है

…..आभा

Comments

3 responses to “आपकी नज़रे इनायत”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Bahut Khoob Abha Ji

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