खरोंच

अरसे बाद
वह सामने आए
मुसकराए, बात की,
जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं

बुत बने हम
देखते रह गए,
साँस भी न ले पाए
जैसे वक्त भी रुक गया उनके आ जाने से

कहने लगे
वक्त हो चला है
मेरे दिए ज़ख्म
कब तक दिखेंगे
भरने दो इन्हें

कैसे कह देते हम

ज़ख्म देखे कहाँ तुमने
जो देखा
वह तो खरोंच थी
लगी थी …
अभी अभी
उनके आ जाने से

 

– रिया

Comments

7 responses to “खरोंच”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Bahot Khoob Ria jI

    1. Ria Avatar
      Ria

      Thank you Dev ji

      1. Dev Kumar Avatar
        Dev Kumar

        wlcm ria ji

  2. Mithilesh Rai Avatar

    वाह वाह लाजवाब

    1. Ria Avatar
      Ria

      Thank you Mithilesh ji

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