एक यादृच्छिक विचार

तुम गणनों में जीते हो, हम गणों में जीते हैं।
तुम सिफ़र में जीते हो, हम सफ़र में जीते हैं।

Comments

4 responses to “एक यादृच्छिक विचार”

  1. Devesh Sakhare 'Dev' Avatar

    सुंदर पंक्तियां

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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