कई क़िस्से, कई बातें

कई क़िस्से, कई बातें
फिर हँसती खिलखिलाती मुलाकातें,

उन दिनों की एक-एक यादें
आज भी मेरे साथ हैं,

तू जो छोड़कर चला गया
अब क़लम ही एक विश्वास है,

तेरे इश्क़ के अनुभव लिखने पे
अंजानो में भी हम खास हैं,

तेरा जो छूटा साया
क़लम ने दुनिया से मिलवाया,

चंद शब्द लिखकर हमने
कई लोगों के दिल में जगह बनाया,

तेरे इश्क़ का अनुभव मेरे जीवन का एक प्रमाण है
”वाह” जब-जब कोई साथी कहेगा उसमे तेरा भी सम्मान है।।

-मनीष


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

amature writer,thinker,listener,speaker.

4 Comments

  1. Anirudh sethi - March 12, 2018, 3:57 pm

    bahut ache sir

  2. Deovrat Sharma - March 12, 2018, 5:02 pm

    beautiful tribute to the love poetry

  3. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:53 pm

    Wah

  4. Abhishek kumar - November 30, 2019, 10:58 am

    Nice

Leave a Reply