कवि कोई गीत सुना ऐसा ये जग दीवाना हो जाए,
कोई बंदा बैरागी बने, कोई मरदाना हो जाए!!
भाईचारे की डोरी से, बंधा हुआ हर गाँव मिले,
धुप में झुलसे मानव को, तरुवर की ठंडी छाँव मिले,
कोई गोकुल सा गाँव लगे, कोई बरसाना हो जाए,
कोई बंदा बैरागी बने, कोई मरदाना हो जाए!!
गीतों से सबको प्यार रहे, गीतों के रंग हज़ार रहे,
रामायण भगवत गीता से, झंकृत जीवन के तार रहे,
मानस में गूंजे गुरुवाणी अंतस ननकाना हो जाये,
कोई बंदा बैरागी बने, कोई मरदाना हो जाए!!
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.