जब भी मैं तुझसे कहीं पर मिलता हूँ, सोचता हूँ कि कम से कम आज तो, तेरे आँचल में सर रख कर तुझको निहारता हूँ, इसी तमन्ना में अक्सर मेरा तुझको यूँ ही देखना, मेरे […]
जब भी मैं तुझसे कहीं पर मिलता हूँ, सोचता हूँ कि कम से कम आज तो, तेरे आँचल में सर रख कर तुझको निहारता हूँ, इसी तमन्ना में अक्सर मेरा तुझको यूँ ही देखना, मेरे […]
जो बात हम में हैं, वो बात ना तुझ में हैं और ना ही मुझमे!!!
मुबारक हो तुमको एक नई रोशनाई,, चाहतों के समुंदर की प्यारी गहराई,, क्या तोहफा दूँ तुमको, समझ नहीं आता,, तुमने ने तो सारी दुनिया हैं महकाई,, हर तरफ अपनी मुस्कान बिखेरते रहना,, गमो को तो […]
हाँ,, मैंने लोगो को खुद में ही बदलते देखा हैं!! उनके जज्बाती हम को अहम बनते देखा हैं, कल तक जो सबको साथ लेकर चलने की बात करते थे,,, आज उनके खिलाफी ख्वाबो को भी […]
छु न सके हथियार जिसे, उसे वो नजरो से घायल करते रहे,, हम भी बने हिम्मती इतने,, वो वार करते रहे, हम हलाल होते रहे!! कल तक मिल्कियत की जिसकी मिसाले देता था जमाना, उसे […]
बहुत दिन हो गए उसके ख्यालो की आंधी में बसे हुए,, चलो आज उसकी एक तस्वीर बनाते हैं,, उसकी अल-कायदा सी आँखे हैं,, जो बस मार ही डालती हैं,, उसकी बुलडोज़र सी बाते हैं,, […]
मैं क्यों सोचु वो मेरे बारे में क्या सोचेगी, मुझे अच्छा लगता हैं उसे रोज सुबह सुबह गुड मोर्निंग विश करना,, जानता हूँ कोई रिप्लाई नहीं आएगा फिर भी उसके मैसेज का इन्तजार करना ,,, […]
लड़कपन की बात ही कुछ और थी, तब तो मेरी भी आँखों में सपने सुहाने थे ! हाथों में हाथ डाल कर, सीखेगी दुनिया हमसे प्यार करना, कुछ ऐसे वादे हमारे थे! चलता तो रहा […]
कभी गौर से देखना खुद को आईने में, खुद ही खुद में ना खो जाओ तो कहना,, कभी पासजाकर देखना गुलाब के, खुशबुसे खुद ही ना बिखर जाए तो कहना,, बहुत नाज़ कर रही हैं […]
इतना आसान हूँ मैं कि हर किसी को समझ में आ जाता हूँ,, शायद तुमने ही मुझे पन्ने छोड़-छोड़ कर पढ़ा था!! इसलिए हक हैं तुझे,, तू भी तो मुझसे दूर सकता हैं,, मेरा भी […]
वक़्त बदलेगा किसी वक़्त पर सोचा इस कदर से नहीं, पिलाकर नजरो से हाला, फिर बोला कम जहर से नहीं,, इज्जत बहुत हैं तेरी दिल में, तुझसा दोस्त ना पाऊँगी, मैं प्यार तुझी से करती […]
बहुत सो लिए हम,, अब हमारे जागने की बारी हैं!!! बहुत लूटा परिंदों ने, अब तड़पने की उनकी बारी हैं!!! मन हमारे अकेले थे, सो वार कर गये वो हम पर,, अब एकजुट होकर कुछ […]
मन में जो इतने ख्वाब बने, वो आखिर किसे समझाते हो, लिखते इतना अच्छा हो पर जताकर किसको पास बुलाते हो,, तुम्हारे मन में भी फिर-फिर कर यह सवाल आता होगा,, बहुत हरे-भरे रहते हो, […]
मन हमारे आजकल अपनेपन की परिभाषाये बदल रहे हैं,, सारे प्यारे दोस्त हमारे,, अब भीड़ सामान ही लग रहे हैं,, पराई नगरी में भी अकसर लोगों में घुल जाया करता था,, अब खुद की बस्ती […]
ये जहाँ तो सबका हैं,, जिसे हम सबने मिलकर संवारा हैं,, बस किसी गर्दिश की बंदिश में फंसा मेरा सितारा हैं,, कहती,, मंजूर नहीं उसको सामने खुदा के भी हाथ फैलाना,, अतः मेरे हाथ वाले […]
सबका जन्मदिन आता हैं, आज तेरा भी हैं, इसमें खास कौन सी बात हैं जो हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाये, उसकी ही सुनते हो तुम,, ये कौन सी बात हैं,, कितनी भी परिक्षाये ले लो तुम इस […]
ख्वाबो में भी अकेले होने पर जब बस शब्दों का सहारा होता हैं,, खुद की आधी-अधूरी सुनने पर भी जब मन छठपटा रहा होता हैं,, हालातों से बाहर आते ही जब ख्यालात नजर आ जाते […]
किसी की साँसों में जो घुल कर बोले,, उसका नाम कविता हैं,, आत्मा को जो परमात्मा से मिलाये,, उसका नाम कविता हैं,, नवयुवती श्रृंगार हैं करती,, ना जाने किन किन बहानो पर यहाँ,, वृधा को […]
काश! मेरे चाहने भर से मेरे पास वो होता । खुद से जाग कर के वो मुझी में सो गया होता । दौलतें सारे जहाँ की मैं लुटा देता उसी पर गर, ज़रा सा मुस्करा […]
आख़िरकार थक कर जिन्दगी मुझसे बोल ही पड़ी!! यूँ कब तक खुद से भागते रहोगे, जरा सा ठहरो, ठंडा-वंडा पानी पी!! जरा झांक कर तो देखो अपने अतीत में, जरा नजरे तो मिलाओ पुरानी प्रीत […]
क्या अजब दिन था वो, क्या गजब था जहाँ, मैं था बहती नदी, वो था सागर समां! यूं तो इश्क किया तूने खुद कान्हा, अब तू ही बता तेरी क्या हैं सलहा!! मेरे दिल की […]
कैसी कशिश हैं तुम्हारी आँखों में, पल में छपा दिल में अक्स तेरा,, मुझसे जुदा अगर हो जाएगा तो रब से भी छीन लाऊंगा सदा,, Because you are the one, Only you are the one, […]
कितनी दूर हैं अंबर धरती, क्या प्यार कभी कम होता हैं,, गर सीने में हो दर्द धरा के, छुप छुप कर आसमां रोता हैं!! कभी फव्वारे, कभी फिर पानी, कभी पत्थर दिल होता हैं, पाकर […]
झील सा जिस्म ओढ़ कर तुमने मुझको लूटा हैं, ईश्क से बुखार कर देने वाली बातो ने मुझको लूटा हैं, शौक नहीं था मुझे मर मिटने का मगर, आपकी नशीली निगाहों ने मुझको लूटा हैं!! […]
कवि कोई गीत सुना ऐसा ये जग दीवाना हो जाए, कोई बंदा बैरागी बने, कोई मरदाना हो जाए!! भाईचारे की डोरी से, बंधा हुआ हर गाँव मिले, धुप में झुलसे मानव को, तरुवर की ठंडी […]
ख्वाबो में भी अकेले होने पर जब बस शब्दों का सहारा होता हैं,, खुद की आधी-अधूरी सुनने पर भी जब मन छठपटा रहा होता हैं,, हालातों से बाहर आते ही जब ख्यालात नजर आ जाते […]
शायद इस पहली बारिश में कल वो भी मेरी तरह नहाया होगा,, कामकाजी दौर में धुंधला चुकी कुछ यादो को यादकर वो भी मुसकराया होगा।। हम उस वक्त बस ऐसे ही घास पर लेटे […]
कल उसने दिल को कुछ ऐसे छुआ कि साँसे तो थम गई पर धडकनें दौड़ने लगी !!!!
तेरे हर-एक लफ्ज़ के मुताबिक़ हमको इक रोज बिछड़ना हैं,, तेरा हाल तो तू ही जाने, हमे तो उठ-उठकर रोज मरना हैं,, मगर तेरी अनचाही फ़िक्र के दरमियाँ, मेरे निक्कमे वजूद का जिक्र होगा इतना,, […]
हम सबकी तरफ से हर-एक अध्यापक-गुरुजन को सादर नमन हैं पावन दिवस आज, करते हैं हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते रहते। जन्म दिया माँ–बाप ने और राह […]
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