कितने भी तुम शहर भटक लो

कितने भी तुम शहर भटक लो
घर उसका ही सबसे प्यारा है
कितने भी तुम दर खड़क लो
दर उसका ही सबसे न्यारा है

….. यूई

Related Articles

Responses

New Report

Close