बिन पानी बनी है भूमि बंजर ,
नहीँ कर पाया है किसान खेती इसमेँ ,
नहीँ बो पाया है बीज वो इसमेँ ,
मिली है अमानत मेँ उसे भूमि बंजर ,
हो रही है तकलीफ उसे ,
नहीँ कर पाया है वो फसल उसमेँ ,
बढ गया है कर्ज उस पे ,
अब नहीँ है कोई उपाय उस पे , तो कर रहा आत्महत्या पेड पे ।
किसान
Comments
3 responses to “किसान”
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Nice
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वाह
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👏👏
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