काव्य प्रतियोगिता

पढ़ो – पढ़ाओ सबको सुनाओ

तुम्हें आज मैं कथा – सार यहाँ सुनाने आया हूँ तुमको शुकदेव –परीक्षित का संवाद बताने आया हूँ इंद्रिय शक्ति अगर चाहो तो इन्द्र पूजन करो ब्रह्म – तेज की चाह अगर हो वृहस्पति- कृपा भरो चाह श्री लक्ष्मी को खुश करना देवी माया का जप करना तेज की हो चाह यदि तुममें अग्नि प्रज्जवलित करके पूजना – तुम्हें यदि वीर है बनना रुद्रों को खुश करते जाओ धन पाने की हो मन में लालसा वसुओं के आराधक बन जाओ अन्न कृ... »

महात्मा गाँधी

चले हम उस रह पर,जो रह बापू ने दिखाई, छलके चरित्र मे सबके सदा जीवन और सचाई | खुशियों से भर जाये हर एक आंगन, देश को चाहिए गाँधीवादी शासन | बिना खून बहाये, बिना चोट पहुंचाए अंग्रेज उन्होंने मार भगाए उच्च कर्म करके बढाया देश का मान गाते रहते “रघु पति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम ” इस दशहरे जाला दो मन का रावन देश को चाहिए गांधीवादी शासन »

महात्मा गाँधी

हर साल मेरी पुस्तक (हिंदी )मे, महात्मा गाँधी का पाठ जरूर होता है | बापू का व्यक्तिव याद करता हूँ, तो “सदा जीवन, उच्च विचार ” याद आता है | बापू फिर से आकर, देश बचा लो, क्रांति बिगुल बजाकर | तुमने जो जलाया उम्मीद का दिया, मशाल वो बन गया था | दुगने लगान के आगे तब, हर किसान तन गया था | भुखमरी, महामारी से अंग्रेजो को क्या लेना था, अकाल से देश शमशान बन गया था | लाठियों की मार से गोलियों की ब... »

दुबली पतली काया

हाथ मे डंडा, बदन पर धोती ऐनक पहने रहते थे दुबली पतली काया थी पर देश प्रेम में रहते थे दो ही शब्दों को ही लेकर विजय पथ पर निकले थे सत्य अहिंसा के ही मार्ग को अपनाते, मनवाते थे विदेशी वस्तु को त्याग कर स्वदेशी ही अपनाते थे बहिष्कार करते थे स्वयं भी दूरसों से भी करवाते थे एक के बाद एक, आंदोलन लेकर सीना ताने निकलते थे अपने साथ मे औरों में भी देशप्रेम जगाते थे ठान लिया था अपने मन मे विदेशी बाहर निकालें... »

गांधी मशाल

जिनके एक आवाहन पर सबने अपने हाथ उठाये थे, कदम-कदम पर अंग्रेजी शासन के छक्के साथ छुड़ाए थे, जिनके कहने पर अस्त्र वस्त्र सब मिलकर साथ जलाये थे, सत्य-अहिंसा के अचूक तब शस्त्र सशक्त उठाये थे, सच की ताकत के आगे जब तोपो के रंग उड़ाए थे, गांधी मशाल ले हाथ सभी ने विदेशी दूर भगाए थे, सत्याग्रह की आग लिए जब मौन रक्त बहाये थे, मानवता और अधिकारों का खुल कर बोध कराये थे, डांडी यात्रा में गांधी जी जब समुद्र किनार... »

महात्मा गांधी

महात्मा गांधी

महात्मा गांधी —————— 🙈🙉🙊 बाहर से गंभीर धीर,👴 जज्बों से थे तूफानी।🌋 अंग्रेजों के पैर उखाड़ गए, वो नाम था गांधी।🤓 अल्पाहारी, शाकाहारी, 🌿🌾 सत्य निष्ठ, अवतारी,👼 बैरिस्टर से साधु बन गए, मानवता के पुजारी ।👤 आजादी के आंदोलन में थी, उनकी भागीदारी ।👥👥👥👥 सत्य अहिंसा पथ पर चलना, 👣👣 माना जिम्मेदारी। चंपारण ,खेड़ा, के नायक, गांधी थेआंदोलनकारी ।👀 जेल भरो आंदोलन की , कर डाली थ... »

‘गांधी’ एक विचारधारा

गांधी जी पर कविता तो हर कोई रचते हैं। आओ बापू के विचारों पर चर्चा करते हैं। बापू ने कहा था बुरा मत देखो। मैं मुँह फेर लेता हूँ, देख कमजोरों पर अत्याचार होते। मैं आँखें फेर लेता हूँ, देख शोषण और भ्रष्टाचार होते। मुझे वो कागज का टुकड़ा भाता है। जिस पर छपा बापू मुस्कुराता है। बुरा तो मैं देखता ही नहीं, मुझे बस हरा ही हरा नजर आता है। बुरा कर, ईश्वर से हम क्यों नहीं डरते हैं। आओ बापू के विचारों पर चर्च... »

महात्मा गाँधी

गुलामी की धांस में अत्याचारों की बांस में देश था बिलकुल सड़ गया | तब उठ खड़ा हुआ एक अहिंसक योद्धा, जो लाठी लिए फिरंगी से लड़ गया | कुचलता हुआ अंग्रेजी सरकार के इरादे, जनक्रांति लिए वो आगे बढ़ गया | अंग्रेज देना चाहते थे धोखा, पर वो पूर्ण स्वराज पर अड़ गया | बर्तानिया सरकार के खिलाफ, शोले भड़क रहे थे हर मन में | जलाकर विदेशी वस्तुएँ , आजादी की आग लगा दी हर जन में | भारत छोड़ो आंदोलन का तूफान ऐसा चलाया, और... »

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को बापू के हुंकार पर ऐंनक पहने लाठी लेकर देश को आजाद किया खट्‌ खट्‌ की आवाज में बापू का प्यारा संदेश था चरखे के बल पर बापू ने रचा स्वर्णीम इतिहास था गोरों को औकात दिखाया उनके ही चालो में राष्ट्रहित में ध्वजा फहराक... »

महात्मा गांधी

गांधी नहीं सिर्फ नाम है, वो देश का मान है नोटों पर देख तस्वीर, ना सोचो खास इंसान है वो हममें से ही आने वाला बिल्कुल आम इंसान है सिर्फ और सिर्फ भारत में ही, बसती उनकी जान है आंख पर चश्मा, हाथ में लाठी, सत्य अहिंसा पहचान है नायक नहीं वे जननायक, अंग्रेज़ो मे खौफ उनकी पहचान है हर जन गण में जगाना प्रेरणा, उनकी ताकत का राज है कठिनाईयों को पीठ नहीं दिखाना, सीखने की जरूरत उनसे आज है मुख पर राम; दिल में रा... »

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