ये कैरोना कहाँ से है आया बलम।
मौत बनके जगत में है छाया बलम।।
जूठ खान-पान से पनपे ये बिमारी सनम।
अशुद्धि में पले -बढ़े है ये बिमारी सनम।।
ना जूठा खाऐंगे ना जूठा पीऐंगें।
शुद्धी में रहेंगे शुद्धी में जीऐंगें।।
कैरोना भगाऐंगें सुखी दुनिया बनाऐंगे।।
शाकाहार खाना पिया दारू मत पीना पिया।
हाथ धोकर सदा स्वस्थ ताउम्र जीना पिया।।
कैरोना भगाऐंगें सुखी जीवन बनाऐंगे।
कैरोना भगाऐंगें
Comments
6 responses to “कैरोना भगाऐंगें”
-

Shi kaha
-

👏👌
-

Good
-

वाह
-

Good
-

Good
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.