कोरा पन्ना

तू कोरा पन्ना है
मैं तेरी लिखावट बन जाऊँगा

तू मेरी कलम के शब्द बन जाना
मैं तेरे शब्दों की किताब बन जाऊँगा

तू गुलाब के फूल बन जाना
मैं तेरे घर की सजावट बन जाऊँगा

तू मेरे होंठों की हसी बन जाना
मैं तेरे चेहरे की मुस्कुराहट बन जाऊँगा

तू मेरा जिस्म बन जाना
मैं तेरी रूह बन जाऊँगा

तू मेरे लिए बस इन्सान बन जाना
मैं तेरे लिए भगवान बन जाऊँगा
……………………………………….
अनूप हसनपुरी


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4 Comments

  1. Alok Kumar - June 7, 2016, 9:39 pm

    bahut khoob anoop ji

  2. Megha Trivedi - June 7, 2016, 9:50 pm

    nice lines …

  3. Anoop - June 8, 2016, 7:26 am

    Thanks ,alok G and Megha G

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