गजभोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी |ल

भोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी |
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|
रही रही चमकेले बदरा मे बिजुरिया |
भरी भरी नजरा मे तरसेले गुजरिया |
लौटी सइया अइहे ना फिर गगरिया संभाला सजनी |
दुअरा पर ठाड़ गोरी निहारे ली डहरिया |
कब अइहे निर्मोही मोर बाँके सवरिया |
बहावे गोरी अँखिया नीर नजरिया जुड़ाला सजनी |
सगरो गगनवा छाईल कारी बदरिया |
पिया घरे नाही गोरी जिनगी अनहरिया |
बयार बरखा जिया अधीर सेजरिया संभाला सजनी |
छाए घटा घनघोर हिया भय लागे बड़ी ज़ोर |
गरजे बदरवा पिया बिन पड़पे जिया मोर |
अईले साजन खियावा खीर पजरिया बुलाला सजनी |
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286


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10 Comments

  1. Satish Pandey - September 19, 2020, 7:30 am

    बहुत खूब

  2. Chandra Pandey - September 19, 2020, 9:25 am

    Nice

  3. Geeta kumari - September 19, 2020, 12:18 pm

    सुन्दर पंक्तियां

  4. Suman Kumari - September 19, 2020, 2:39 pm

    सुन्दर

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 19, 2020, 8:11 pm

    बेहतरीन गजल

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