चल कहीं

चल कहीं नदिया किनारे,
प्रिय नयन,सुन्दर चितवन

नैनों में दमके,तेरे काजल
है मेरा मन ऐ पागल

जब बजती तेरी पायल
झूमे जहाँ बस चाँद तारे

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Comments

3 responses to “चल कहीं”

  1. Vinita Shrivastava Avatar
    Vinita Shrivastava

    Thanks

  2. राम नरेशपुरवाला

    वाह

Leave a Reply

New Report

Close