जो हूँ मैं – 7

जो हूँ मैं वह हर पल शिल्पकार है,

जो नहीं मैं वह मुर्दा बेकार है

Related Articles

*शिल्पकार*

कवि नहीं शिल्पकार हूँ मैं ! एक ऐसा कवि, जो कागज पर अपनी भावनाओं भरी कलम से शब्दरूपी नक्काशी करता है.. जिसकी सुंदरता सिर्फ नेत्रों…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

छत्तीसगढ़ के घायल मन की पीड़ा कहने आया हूँ।

मैं किसी सियासत का समर्थन नहीं करता हूँ। भ्रष्टाचार के सम्मुख मैं समर्पण नहीं करता हूँ॥ सरकारी बंदिस को मैं स्वीकार नहीं करता हूँ। राजनीति…

Responses

New Report

Close