ताला कहाँ लटकता

ह्रदय में ताला कहाँ लटकता ,मन में केवल भ्रम पलता है |

आश्वासन में दुनिया चलती ,आमंत्रण मरण मात्र बेचैनी |

नजरें मंजिल पर टिकी हुई ,संवाद हकीकत हो जाता है |

स्याही सूख गई हों तो भी ,यह दिल तो एक समंदर सा है ||

Comments

3 responses to “ताला कहाँ लटकता”

    1. Sukhmangal Avatar

      हार्दिक शुक्रिया Dev Rajput replied जी

Leave a Reply

New Report

Close